राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों और CAPF के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों की घोषणा की है। यहाँ कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और सेना मेडल विजेताओं की पूरी सूची देखें।
80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन की विस्तृत जानकारी। विकसित भारत 2047, विदेश नीति, कल्याणकारी योजनाएं और भाषण की सात बड़ी बातें पढ़ें।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुनें ये 10 प्रसिद्ध देशभक्ति गीत, जो आपके दिल में देशप्रेम की भावना जगा देंगे।
15 अगस्त 2026 को देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। बीजेपी के 'हर घर तिरंगा' अभियान के बीच पीएम मोदी ने देशवासियों से घर-घर तिरंगा लहराने और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने की अपील की है।
जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (3 मई)। लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस का महत्व, पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियां और डिजिटल युग में पत्रकारिता की नैतिकता पर विशेष आलेख।
रीवा नगर निगम में स्वतंत्रता दिवस समारोह पर सम्मान को लेकर विवाद। वार्ड क्रमांक 4 के एआरआई विष्णु लखेरा को केवल 3.93% कार्य प्रगति के बावजूद कलेक्टर के हाथों प्रशस्ति पत्र दिलाया गया। वहीं 10% से अधिक प्रगति करने वाले एआरआई सम्मान से वंचित रह गए, जिससे कर्मचारियों में असंतोष।
सतना की केन्द्रीय जेल से स्वतंत्रता दिवस पर 17 कैदी रिहा किए गए। इनमें छतरपुर जिले के 4 सगे भाई भी शामिल हैं जो 13 साल से उम्रकैद की सजा काट रहे थे। जेल में रहकर उन्होंने 3 लाख रुपए कमाए। अन्य दो कैदी भी लखपति बनकर बाहर निकले। सभी ने अपराध छोड़कर नया जीवन शुरू करने का संकल्प लिया।
सतना जिले में 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और आगामी विकास योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। शहीदों के परिजनों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, उत्कृष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।
79वें स्वतंत्रता दिवस पर सतना जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों ने सरकार से सम्मान और योजनाओं की मांग उठाई। परिजनों का कहना है कि देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों और सेनानियों को वह सम्मान और सुविधाएं अब तक नहीं मिलीं, जिसके वे पात्र हैं।






















